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http://localhost:8080/xmlui/handle/123456789/1801Full metadata record
| DC Field | Value | Language |
|---|---|---|
| dc.contributor.author | जनादर्न गंगाधर करं दीकर | - |
| dc.date.accessioned | 2025-10-10T07:37:28Z | - |
| dc.date.available | 2025-10-10T07:37:28Z | - |
| dc.date.issued | 1948 | - |
| dc.identifier.uri | http://localhost:8080/xmlui/handle/123456789/1801 | - |
| dc.description | स्व. विठ्ठलमदेंच्या कामगिरचिं योग्य आकलन व मूल्यांकन करण्यात, हें, ज्या काळांत व पा‘रों’हैंथर्तीत होते तो लक्षांत घेतलळी पाहिजे. त्या वेळच्या… ह्वग्मार्बिक मर्यादा व अडचणी डोळ्यासमोर ठेवुन, त्यांच्या जॉवनकार्यांकडे, पाद्दिळें पाहिजे. कोंणत्याद्दि थळोर पुरुषाच्या नरित्राविषयाँ विचार करतांना याममाणेंच दृष्टि ठेवलळी तरच त्यांच्या कामगिरीचें महत्त्व व तिची आपणांस किर्ती मदत साली हे आपण समतूं शकू. | en_US |
| dc.description.abstract | विठ्ठलमाई पटेल याचँहें चप्’रत्र व आठवणी वाचकांना सादर वग्रण्यांत मला समाधान वष्ठत आहे कोण- र्णाहृ कार्याची सफलता होण्याला वेळ क्विप् योग यावर लागतो अशी एक साऱ्- स्नामान्य समतृद्वा आहे. या चा‘रँत्रान्र्वे असेच सार्ले. कारण वास्तविक हैं चरित्र मी सहृळा सप्त वप'रँपूर्वी म्हणजे महायुद्ध दुहां साठे तेंव्हांच लिहुन टेवलैं होतें. परंतु अनेक अडचर्णीमुळें या चरित्राचे प्नकारॅ- छान आजवर होऊं शक्कल नाहीं. ’ अत्सां त्याच्या प्नवल्लानप्चा यळोग येत आहे. | en_US |
| dc.language.iso | other | en_US |
| dc.publisher | नॅशनल इन्फमशन अॅण्ड पिब्लके शन्स िलिमटेड, मुंबई | en_US |
| dc.subject | िवठ्ठलभाई पटेल | en_US |
| dc.subject | चरत्र व आठवणी | en_US |
| dc.title | िवठ्ठलभाई पटेल | en_US |
| dc.title.alternative | (चरत्र व आठवणी) | en_US |
| dc.type | Book | en_US |
| Appears in Collections: | Dattu Waman Poddar | |
Files in This Item:
| File | Description | Size | Format | |
|---|---|---|---|---|
| PNVM-5-952-Vithalbhai Patel Charitr V Aathavni.OCR.pdf | 105.61 MB | Adobe PDF | View/Open |
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